माता चंद्रघण्टा की कथा, महत्व और पूजा विधि
नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के चंद्रघण्टा स्वरूप की पूजा की जाती है। माँ चंद्रघण्टा शांति, साहस, वीरता और धैर्य की प्रतीक हैं। उनका नाम ‘चंद्रघण्टा’ इसलिए पड़ा क्योंकि उनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घण्टी शोभायमान रहती है। यह रूप भक्तों के लिए अद्भुत और अलौकिक है। कहा जाता है कि माँ … Read more