माँ: त्याग, प्रेम और समर्पण की मूर्त रूप

प्रस्तावना माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें पूरी सृष्टि का सार समाया है। जब दुनिया में कोई साथ नहीं देता, तब एक माँ ही होती है जो अपने बच्चे के लिए आखिरी दम तक खड़ी रहती है। माँ केवल जन्म देने वाली नहीं होती, वह जीवन जीने की प्रेरणा, संघर्ष करने की शक्ति और ममता … Read more

शिव के तांडव नृत्य का आरंभ कैसे हुआ?

दारुक नाम वाला एक असुर हुआ। जिसने तपस्या के द्वारा वरदान प्राप्त किया था वह उसके प्रभाव से देवों और ब्राह्मणों को प्रलय की अग्नि के समान दुख देने लगा। दारुक के द्वारा पीड़ित हुए देवता, ब्रह्मा, ईशान, कुमार, यम, इंद्र, विष्णु आदि की शरण में पहुंचे और कहा कि हे महाराज ! यह दैत्य … Read more