नारद जी ने मोह में आकर बिष्णु जी को श्राप क्यों दिया?

नारद जी का तपस्या करने जाना तथा इंद्र के द्वारा कामदेव से नारद जी की तपस्या में विघ्न डलवाना एक बार नारद जी तपस्या में मन लगाने हिमालय पर्वत कि एक गुफा में गए। वह गुफा बड़ी शोभा से सम्पन दिखाई देती थी। उसी के निकट देवनदी गंगा निरंतर वेगपूर्वक बहती थी। वहां एक महान … Read more

माता सीता जी पर आरोप लगाने वाले धोबी का क्या हुआ?

जब रामजी अयोध्या छोड़कर बैकुंठ जाने लगे। तब सारे नगर वासी उनके पीछे-पीछे आ गए और कहा- प्रभु! आप जहां जाओगे हमें भी वहां साथ ले चलो। सारे नगर वासी राम जी से विनती करने लगे। तब राम जी ने सबको कहा- ठीक है आप सभी मेरे साथ बैकुंठ चलिए। राम जी ने सभी के … Read more

शिव क्या है? तथा प्रथम सृष्टि की रचना का वर्णन।

अदृश्य जो शिव है वह दृश्य प्रपंच ( लिंग ) का मूल है। इससे शिव को अलिंग कहते हैं और अव्यक्त प्रकृति को लिंग कहा गया है। इसलिए यह दृश्य जगत भी शैव यानी शिव स्वरूप है। प्रधान और प्रकृति को ही उत्तमौलिंग कहते हैं। वह गंध,वर्ण, रस हीन है तथा शब्द, स्पर्श, रूप आदि … Read more

अग्नि पुराण में बुद्ध और कल्कि अवतारों की कथा

यह कथा अग्नि पुराण के सोलहवाँ अध्याय में वर्णित है जिसमें अग्नि देव कहते हैं – अब मैं बुद्ध अवतार का वर्णन करूंगा, जो पढ़ने और सुनने वालो के मनोरथ को सिद्ध करने वाला है। पूर्व काल में देवताओं और असुरों में घोर संग्राम हुआ। उसमें दैत्यों ने देवताओं को परास्त कर दिया। तब देवता … Read more

समुद्र मंथन कैसे हुआ? श्री हरि का कूर्म अवतार ( कछुए का अवतार ) तथा मोहिनी अवतार की कथा।

यह कथा अग्नि पुराण के तीसरे अध्याय में वर्णित है जिसमें अग्नि देव कहते हैं– वशिष्ठ ! अब मैं कूर्म अवतार का वर्णन करूंगा। यह सुनने पर सब पापों का नाश हो जाता है। पूर्व काल की बात है, देवासुर संग्राम में दैत्यों ने देवों को परास्त कर दिया। वे दुर्वासा के श्राप से भी … Read more

एक बार हरि बोल बोलने से क्या फल मिलता है?

एक बार मरने के बाद एक आदमी यमलोक पंहुचा। वहां उसे यमराज के सामने ले जाया गया। यमराज ने उस आदमी से कहा तुमने जीवन भर बहुत पाप किए हो, एक भी अच्छा काम नहीं किया इसलिए तुम्हें नरक लाया गया है। तभी आदमी बोला कि मैं मानता हूं मैंने जीवन भर बहुत पाप किए … Read more

क्या सच में विधाता की इच्छा अनुसार जब तक जीव की आयु पूर्ण नहीं हो जाती उसे कोई मार नहीं सकता?

कोई अपने घर में मरते हैं कोई भागते हुए अपने प्राण त्याग करते हैं, कुछ लोग अन्न खाकर और पानी पीकर काल की गोद में चले जाते हैं। इसी प्रकार कुछ लोग ऐसे हैं जो भोग विलास का आनंद ले रहे हैं, इच्छा अनुसार वाहनों पर घूमते हैं, जो शरीर से निरोग हैं तथा कभी … Read more

शिवपुराण के अनुसार घोर कलयुग आने पर कैसा होगा मनुष्य का आचरण?

घोर कलयुग आने पर मनुष्य घोर कलयुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्म से दूर रहेंगे, दुराचार में फस जायँगे, सब सत्य से मुँह फेर लेंगे, दुसरो की निंदा में लगे रहेंगे। पराये धन हड़प लेने की इच्छा करेंगे। उनका मन परायी स्त्रीयों में लगा होगा तथा वे दूसरे प्राणी की हिंसा करेंगे। अपने शरीर को … Read more

शिवपुराण सुनने से कैसे एक अधर्मी को भी शिवधाम की प्राप्ति हुई?

हर हर महादेव एक नगर में एक ब्राह्मण रहता था, जिसका नाम देवराज था। उसे वैदिक धर्म का कोई ज्ञान नहीं था। वह दरिद्र, कुसंगी, स्नान संध्या आदि से बहुत दूर रहता और वैश्यावृती में लगा रहता था। वह लोगो को मुर्ख बना कर उनको लुटा करता था, वह ब्राह्मणों, क्षत्रियो, वैश्यों, शुद्रो और अन्य … Read more