कन्नप्पा नयनार की प्रेरक कहानी – सच्ची भक्ति का अद्भुत उदाहरण

कन्नप्पा नयनार की प्रेरणादायक कथा हिन्दू धर्म में ६३ नयनार संतों की महिमा गाई जाती है। इनमें से एक महान भक्त कन्नप्पा नयनार का नाम बहुत श्रद्धा और भक्ति से लिया जाता है। उनकी कहानी यह बताती है कि सच्ची भक्ति ईश्वर को कर्मकांड से कहीं अधिक प्रिय है। कन्नप्पा कौन थे? कन्नप्पा का असली … Read more

राधा रानी के 108 नाम और उनका महत्व

हिंदू धर्म में राधा रानी को श्रीकृष्ण की प्रियतमा और भक्ति की देवी माना गया है। भक्तजन उन्हें प्रेम, करुणा और समर्पण का प्रतीक मानते हैं। शास्त्रों में राधा रानी के 108 नाम (Radha Rani Ke 108 Naam) वर्णित हैं, जिनका स्मरण करने से जीवन में शांति, सुख और प्रेम की प्राप्ति होती है। राधा … Read more

63 नयनार संतों की सूची और उनकी महिमा – भगवान शिव के परम भक्तों की कहानी

हिन्दू धर्म के भक्ति आंदोलन में दक्षिण भारत से अनेक महान संत हुए जिन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि भक्ति किसी भी जाति, कुल या पद की मोहताज नहीं होती। इन संतों में सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं नयनार संत, जो भगवान शिव के परम भक्त थे। नयनार कौन थे? “नयनार” शब्द तमिल परंपरा … Read more

भगवान गणेश : विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव

परिचय हिंदू धर्म में भगवान गणेश को “विघ्नहर्ता” (सभी बाधाओं को दूर करने वाले) और “प्रथम पूज्य” (सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता) कहा जाता है। हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी के नाम से होती है। इन्हें बुद्धि, विवेक, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। गणेश जी का जन्म पुराणों के … Read more

ययाति की कहानी –जो भोग से वैराग्य की ओर ले जाती है।

बहुत समय पहले की बात है। चंद्रवंश में एक महान प्रतापी राजा हुए – राजा नहुष। वे स्वयं इंद्र के पद तक पहुँचे थे, लेकिन अहंकारवश स्वर्ग से गिर पड़े। उनके पुत्र का नाम था ययाति – तेजस्वी, बुद्धिमान और धर्मपरायण। ययाति का युवराज बनना ययाति बाल्यकाल से ही धर्म और राजनीति में दक्ष थे। … Read more

हिन्दू धर्म में सावन का महीना पवित्र क्यों माना जाता है?

परिचय हिन्दू धर्म में वर्ष के बारह महीनों में सावन (श्रावण मास) का विशेष महत्व होता है। यह महीना आस्था, भक्ति और आध्यात्म का प्रतीक माना जाता है। विशेषकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए यह मास अत्यंत शुभ होता है। सावन का महीना प्रकृति की हरियाली, वर्षा और धार्मिक अनुष्ठानों से भरा होता है, … Read more

“महादेव और उनका परम भक्त – अटूट भक्ति की एक अमर कथा”

शिव यानी महादेव — संहार के देव, योगियों के आराध्य, और भक्ति के लिए सदा सुलभ। महादेव की विशेषता यह है कि वह अपने भक्तों के भाव से प्रसन्न हो जाते हैं, चाहे वह राजा हो या कोई सामान्य वनवासी। इस लेख में हम एक ऐसी ही भक्तिपूर्ण कथा प्रस्तुत कर रहे हैं, जो महादेव … Read more

माँ: त्याग, प्रेम और समर्पण की मूर्त रूप

प्रस्तावना माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें पूरी सृष्टि का सार समाया है। जब दुनिया में कोई साथ नहीं देता, तब एक माँ ही होती है जो अपने बच्चे के लिए आखिरी दम तक खड़ी रहती है। माँ केवल जन्म देने वाली नहीं होती, वह जीवन जीने की प्रेरणा, संघर्ष करने की शक्ति और ममता … Read more

वेद और पुराण क्या है? वेद और पुराण में अंतर

वेद और पुराण की भूमिका भारतीय धर्म, दर्शन और संस्कृति की नींव जिन ग्रंथों पर टिकी है, उनमें वेद और पुराण का विशेष स्थान है। ये न केवल आध्यात्मिक ज्ञान के भंडार हैं, बल्कि भारतीय सभ्यता के इतिहास, विज्ञान, समाज और जीवनशैली का प्रतिबिंब भी हैं। वेद क्या है? परिभाषा “वेद” शब्द संस्कृत के “विद्” … Read more

रावण के पिता विश्रवा मुनि के जन्म की कथा तथा विश्रवा पुत्र वैश्रवण कैसे कुबेर बने।

पूर्व सतयुग में ब्रह्मा के एक पुत्र पुलस्त्य नामक थे। जिनके तप का प्रभाव ब्रह्मा जी के ही समान था और वह विमल गुणवान भी थे। इसलिए वह सभी के मित्र बन गए। तप करने की इच्छा से वे मुनिश्रेष्ठ मेरु पर्वत के समीप तृणबिंदु के आश्रम में जाकर तप करने लगे। तब उनको तप … Read more