हिंदू धर्म में राधा रानी को श्रीकृष्ण की प्रियतमा और भक्ति की देवी माना गया है। भक्तजन उन्हें प्रेम, करुणा और समर्पण का प्रतीक मानते हैं। शास्त्रों में राधा रानी के 108 नाम (Radha Rani Ke 108 Naam) वर्णित हैं, जिनका स्मरण करने से जीवन में शांति, सुख और प्रेम की प्राप्ति होती है।
राधा रानी के 108 नाम जपने का महत्व
1. नाम जपने से मन की अशुद्धि दूर होती है।
2. भक्ति, प्रेम और करुणा की वृद्धि होती है।
3. घर में शांति और सुख-समृद्धि का वास होता है।
4. राधा-कृष्ण का आशीर्वाद सहज प्राप्त होता है।
5. राधा रानी के नाम जपने से श्री कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है।
राधा रानी के 108 नाम (Radha Rani Ke 108 Naam)
- राधा
- रासेश्वरी
- वृन्दावनेश्वरी
- कृष्णप्रिया
- माधवी
- गोपिका
- वृषभानुनन्दिनी
- वृषभानुसुता
- रसमञ्जरी
- माधवीश्वरी
- करुणामयी
- प्रेममूर्ति
- श्यामसुन्दरी
- सुन्दरी
- लक्ष्मीरूपा
- श्यामा
- चन्द्रमुखी
- अनंगरूपा
- रसप्रदा
- माधवप्रिय
- परमानन्दा
- ब्रजेश्वरी
- लीला विहारिणी
- मधुरिमा
- रासप्रिया
- कलावती
- रसिका
- शरणागतवत्सला
- महाभावेश्वरी
- मनोहरा
- हंसगामिनी
- रसमयी
- सुंदरांगना
- रससिद्धा
- रसवती
- व्रजसुन्दरी
- मधुविद्या
- रससार
- अनंगविभूषिता
- श्रीराधिका
- मधुव्रता
- गोपवधू
- माधववल्लभा
- वृन्दावनी
- रसकलिका
- प्रेमवल्लभा
- रसविहारिणी
- अनंगमञ्जरी
- शरणदा
- भक्ति मूर्ति
- गोपेश्वरी
- माधवसुन्दरी
- रसमाधुरी
- रसविहारी
- श्रीवृन्दावनेश्वरी
- प्रियासखी
- रसरूपा
- अनंगसुन्दरी
- प्रेमधारा
- माधवेश्वरी
- वृन्दावनविहारिणी
- रसनायिका
- प्रेमलता
- रसवल्लभा
- अनंगवल्लभा
- माधवेश्वरी
- श्रीप्रिया
- वृन्दावनीश्वरी
- रसामृता
- रसानंदा
- रसवल्ली
- वृन्दारण्येश्वरी
- प्रेमवल्लरी
- रसपर्णिका
- रसनाथा
- श्रीवल्लभा
- अनंगवल्लरी
- रसविभूषिता
- प्रेमवल्लरी
- माधवप्रियेश्वरी
- रसधारा
- वृन्दावनीसुन्दरी
- रसमञ्जरीश्वरी
- श्रीकृष्णवल्लभा
- रसवल्लरीश्वरी
- प्रेममञ्जरी
- रसपुष्पा
- रसानन्दिनी
- श्रीरासेश्वरी
- वृन्दावनसुन्दरी
- रसवल्लभेश्वरी
- प्रेमसुन्दरी
- रसामयी
- श्रीवल्लरी
- रसनिवासा
- वृन्दारण्यसुन्दरी
- रसवल्लरीमूर्ति
- श्रीमञ्जरी
- रसानन्दमयी
- वृन्दावनीप्रिया
- रसवल्लरीवल्लभा
- प्रेमवल्लरीश्वरी
- रसवल्लरीप्रिय
- श्रीसुन्दरी
- रसानन्दवल्लरी
- वृन्दावनीवल्लभा
- रसवल्लरीसुन्दरी
- श्रीराधा
राधा रानी के 108 नामों का जप और स्मरण करने से जीवन में प्रेम, शांति और भक्ति की धारा प्रवाहित होती है। यह केवल नाम नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दिव्य प्रेम की झलक है। राधा रानी के नामों का जाप स्वयं श्री कृष्ण करते है। राधा नाम जो भी व्यक्ति बोलता है उनके पास श्री कृष्ण राधा नाम सुनने के लिए दौड़े चले आते है।